दर्द अपनाता है - Dard Apnaata Hai
दर्द अपनाता है - Dard Apnaata Hai (Jagjit Singh, Silsilay)
Movie/Album: सिलसिले (1970)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: जगजीत सिंह
दर्द अपनाता है पराये कौन
कौन सुनता है और सुनाए कौन
दर्द अपनाता है...
कौन दोहराए पुरानी बातें
ग़म अभी सोया है, जगाए कौन
वो जो अपने हैं, क्या वो अपने हैं
कौन दुःख झेले, आज़माए कौन
अब सुकूँ है तो भूलने में है
लेकिन उस शख़्स को भुलाए कौन
आज फिर दिल है कुछ उदास-उदास
देखिये आज याद आए कौन
दर्द अपनाता है...
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: जावेद अख़्तर
Performed By: जगजीत सिंह
दर्द अपनाता है पराये कौन
कौन सुनता है और सुनाए कौन
दर्द अपनाता है...
कौन दोहराए पुरानी बातें
ग़म अभी सोया है, जगाए कौन
वो जो अपने हैं, क्या वो अपने हैं
कौन दुःख झेले, आज़माए कौन
अब सुकूँ है तो भूलने में है
लेकिन उस शख़्स को भुलाए कौन
आज फिर दिल है कुछ उदास-उदास
देखिये आज याद आए कौन
दर्द अपनाता है...